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तूफानों से कहीं भयंकर था फानी तूफान
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20 साल बाद आया सबसे ख़तरनाक़ महातूफान, फनि

महातूफान फनि तबाही मचा रहा है। तूफान से सबसे ज्यादा तबाही ओडिशा में मची है जहां पुरी तट पर फनि तूफान आज सुबह करीब 9 बजे टकराया। जिस वक्त फनि महातूफान का लैंडफॉल हुआ उस वक्त उसकी रफ्तार करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटा थी। फनि की वजह से पुरी, गोपालपुर, पारादीप और भुवनेश्वर समेत पूरे ओडिशा में तूफानी हवाओं के साथ तेज बारिश हो रही है।
बताया जा रहा है कि गर्मियों में ऐसे चक्रवाती तूफान बेहद कम आते हैं, आम तौर पर मॉनसून के बाद सितंबर-नवंबर में ऐसे तूफान आते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1965 से 2017 तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 46 भयानक चक्रवात दर्ज किए गए हैं। इनमें से अक्टूबर से दिंसबर के बीच 28 चक्रवात आए, 7 चक्रवात मई में और महज दो चक्रवात अप्रैल (1966, 1976) में आए। 1976 के बाद फोनी पहला ऐसा तूफान है, जिसका निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ।

इस तूफान की वजह से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है और 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। समुद्र के किनारे बसे मंदिर शहर पुरी में कई इलाके और अन्य जगहों में पानी भर गया है। राज्य के सभी तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। कई पेड़ उखड़ गए और भुवनेश्वर समेत कुछ स्थानों पर बनीं झोपड़ियां तबाह हो गई हैं। तूफान की वजह से ओडिशा से लेकर बंगाल तक हाईअलर्ट है। आशंका है कि फनि तूफान आज शाम तक बंगाल पहुंच जाएगा। तूफान की वजह से भुवनेश्वर एयरपोर्ट कल शाम से ही बंद है और कोलकाता एयरपोर्ट भी आज शाम से बंद कर दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने भी तूफान की वजह से 48 घंटे तक अपनी सभी रैलियां रद्द कर दी है। ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, “चक्रवाती तूफान की वजह से मैंने अगले 48 घंटे तक अपनी सभी रैलियां रद्द कर दी हैं। बंगाल सरकार चौबीसो घंटे तूफान पर नजर बनाए हुए है और तूफान से निपटने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। लोगों से अपील है कि अगले दो दिन सहयोग करें और सुरक्षित रहें।

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