logo
तूफानों से कहीं भयंकर था फानी तूफान
Blog single photo

तेलंगाना बोर्ड के छात्र परेशान

तेलंगाना बोर्ड के छात्र परेशान हैदराबाद में तेलंगाना के इंटरमीडिएट बोर्ड का दफ़्तर अखाड़ा सा बन गया है।बोर्ड ने 18 अप्रैल को बारहवीं की परीक्षा के नतीजे जारी किए थे. तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक नतीजों की घोषणा के बाद से 8 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। जबकि स्टूडेंट यूनियन का दावा है कि 16 छात्रों ने अपनी जान दी है। यूनियन का आरोप है कि छात्रों ने इंटरमीडिएट बोर्ड की वजह से आत्महत्या की है। बालक हक़ूक संगम नाम के एक ग़ैर सरकारी संगठन ने ये मुद्दा उठाते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट में एक याचिका भी दाख़िल कर दी है। आरोप है कि बोर्ड ने नतीजे घोषित करने में ग़लतियाँ की हैं।नाराज़ छात्रों और उनके परिजनों ने बोर्ड के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन भी किए हैं। उनकी आशंकाएं बेवजह नहीं है। तेलंगाना के मनचेरियल इलाक़े की नव्या नाम की एक छात्रा को एक विषय में शून्य अंक मिले हैं। विडंबना ये है कि बीते साल इसी छात्रा ने ज़िला टॉप किया था। इस छात्रा के स्कूल के प्रशासन ने मुद्दा सरकार के सामने उठाया। कॉपी दोबारा जांची गई तो उसके सौ में से 99 अंक आए। दोबारा जांच में उसके अंक शून्य से 99 पहुंच गए. नव्या कहती हैं, "जब मैंने पहली बार नतीजा देखा तो मुझे बहुत शर्म आई। कुछ मिनटों के लिए तो मुझे लगा कि ये नतीजा सही है और मैं नाकाम हो गई हूं लेकिन बाद में उन्होंने अपनी ग़लती मानी और बताया कि मेरे 99 नंबर आए हैं।अगर मैं आवेग में कोई बड़ा क़दम उठा लेती तो ज़िम्मेदार कौन होता? मुझे तो ऐसा सोच कर ही डर लग रहा है। ऐसा लगता है कि हमारे अधिकारी छात्रों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं।" कई छात्रों का ये भी आरोप है कि उन्होंने परीक्षा तो दी थी लेकिन नतीजों में उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया है। कुछ छात्रों की शिकायत ये है कि ग्यारहवीं में तो उनके बहुत अच्छे नंबर थे लेकिन बारहवीं में उन्ही विषयों में उन्हें दस नंबर भी नहीं मिले।

Top